FIIs की लगातार बिकवाली से बाजार में गिरावट, लेकिन DIIs ने दिया सहारा
🏦 1. मौद्रिक नीति (RBI Monetary Policy)
RBI की आने वाली नीति बैठक में रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम है, लेकिन उम्मीद है कि बैंकों को ज्यादा उधारी देने के लिए CRR या SLR में कटौती हो सकती है। यह कदम महंगाई पर नियंत्रण रखते हुए अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का संकेत होगा ।
🌍 2. वैश्विक संकेत (Global Cues)
· अमेरिकी फेड दर और डॉलर इंडेक्स: बढ़ती महंगाई के चलते फेडरल रिजर्व दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसका असर डॉलर पर पड़ा, और डॉलर इंडेक्स 99.85 पर मजबूत हुआ है ।
· कच्चे तेल की कीमतें: ईरान को लेकर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड $102 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है ।
📊 3. कंपनियों के नतीजे (Quarterly Results)
· IT सेक्टर (टीसीएस, इंफोसिस): चौथी तिमाही के नतीजे कमजोर रह सकते हैं, लेकिन सबकी निगाहें FY27 के लिए दिए जाने वाले अनुमान (Guidance) पर होंगी। एआई (Artificial Intelligence) के चलते कंपनियों की कमाई पर दबाव बना हुआ है ।
· बैंकिंग सेक्टर: कर्नाटक बैंक के शेयरों में 6% की गिरावट आई, क्योंकि चौथी तिमाही में इसके डिपॉजिट में केवल 4% और एडवांस में 7% की बढ़ोतरी हुई है ।
🇮🇳 4. सरकारी नीतियाँ और बजट (Budget & Policies)
फरवरी 2026 के बजट में कई बदलाव किए गए थे:
· बायबैक टैक्स: शेयर बायबैक पर अब डिविडेंड की जगह कैपिटल गेन्स टैक्स लगेगा।
· MAT दर: कंपनियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर 15% से घटाकर 14% कर दी गई है।
· सेक्टोरल इंसेंटिव: इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर जैसे सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए विदेशी कंपनियों को टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा गया है ।
📈 5. FII/DII की खरीद-बिक्री (FII/DII Activity)
विदेशी निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। 2 अप्रैल को FIIs ने ₹9,931 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹7,208 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया ।
📉 6. आर्थिक आंकड़े (Economic Data)
· GDP ग्रोथ: आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, FY27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है ।
· महंगाई (Inflation): कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर महंगाई पर पड़ रहा है, जो आने वाले दिनों में बढ़ सकती है ।
🚀 7. आईपीओ और नई लिस्टिंग (IPO & New Listings)
· विविड इलेक्ट्रोमेक (Vivid Electromech) IPO: इसका आवंटन 2 अप्रैल को तय हुआ था और यह 7 अप्रैल, 2026 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा। निवेशकों की दिलचस्पी मामूली रही और यह 1.06 गुना सब्सक्राइब हुआ ।
📉 8. तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)
· निफ्टी (Nifty): 22,500 के स्तर के नीचे जाने पर बिकवाली बढ़ सकती है। ऊपर जाने के लिए पहले 22,900 और 23,000 के स्तर को पार करना जरूरी है। अभी बाजार में अस्थिरता (Volatility) जारी है, जिसे मापने वाला इंडिया VIX 25 के आसपास ऊंचा बना हुआ है ।
· बैंक निफ्टी (Bank Nifty): इसका तत्काल प्रतिरोध 52,000 पर है। सपोर्ट 51,000 और 50,900 पर मौजूद है ।
🏭 9. सेक्टोरल चर्चा (Sectoral Talks)
· तेजी वाले सेक्टर: IT सेक्टर (HCL Tech, Tech M, Infosys) में मजबूत खरीदारी देखी गई, जिससे बाजार को सहारा मिला ।
· मंदी वाले सेक्टर: फार्मा (सन फार्मा), रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली हुई ।
💰 10. कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Actions)
अगले हफ्ते कई कंपनियों पर नजर रखने की जरूरत है :
· डिविडेंड: यूनिफिंज कैपिटल (₹0.50 प्रति शेयर) 6 अप्रैल को, जबकि जैश इंजीनियरिंग (₹0.60 प्रति शेयर) 10 अप्रैल को एक्स-डिविडेंड होंगी।
· बोनस: अवैक्स अपैरल 3:1 का बोनस देगी, जिसका रिकॉर्ड तारीख 7 अप्रैल है।
💎 11. कच्चे माल की कीमतें (Commodity Prices)
भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने की कीमतों (Gold) में गिरावट आई और यह गिरकर $4,664 प्रति औंस पर आ गया ।
💵 12. विदेशी व्यापार और रुपया (Trade & Rupee)
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की मजबूती के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंच गया, जो एक निचले स्तर पर है ।
📝 13. नियामक बदलाव (SEBI Rules)
बजट 2026 में एक प्रस्ताव रखा गया है कि अब शेयर बायबैक पर मिलने वाले पैसे पर पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) लगेगा, न कि डिविडेंड की तरह। इसके अलावा, ट्रांसफर प्राइसिंग और एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) से जुड़े नियमों को आसान बनाया गया है ।
📰 14. मार्केट सेंटीमेंट (Sentiment)
बाजार में फिलहाल 'डर' (Fear) का माहौल है, लेकिन अंतिम सत्र में हुई तेजी ने थोड़ी राहत दी है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और ईरान युद्ध को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर रखा है ।
💡 15. ट्रेडिंग रणनीतियाँ (Trading Strategies)
विशेषज्ञों के अनुसार :
· इंट्राडे: बैंक निफ्टी में 52,000 के ऊपर जाने पर खरीदारी (Long) की जा सकती है, जबकि निफ्टी के 22,700 के नीचे आने पर बिकवाली (Short) का रुख बन सकता है।
· स्विंग: फिलहाल बाजार में तेज उछाल आने की संभावना कम है। 23,470 के स्तर को पार करने पर ही तेज रुझान (Bullish Trend) मजबूत होगा।
· पोजीशनल: निफ्टी में 22,500 के स्तर को बनाए रखना बहुत जरूरी है। इसके टूटने पर मंदी (Bearish Trend) और गहरा सकती है।

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