वैश्विक संकेत – अमेरिकी फेड रेट, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें
1. मौद्रिक नीतिवैश्विक संकेत – अमेरिकी फेड रेट, डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें
· 8 अप्रैल को बैठक: अर्थशास्त्रियों के अनुसार RBI इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा ।
· स्थिति: सप्लाई डिसरप्शन (तेल कीमतों) और महंगाई के जोखिमों के बीच RBI अभी "रुको और देखो" की रणनीति अपना सकता है ।
2. वैश्विक संकेत
· अमेरिकी Fed नीति: बाजार अब 2026 में बिल्कुल भी दर कटौती (Zero Cuts) की उम्मीद नहीं कर रहे ।
· तेल की कीमतें: ईरान युद्ध के चलते ब्रेंट क्रूड तेजी से बढ़कर $115 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है ।
· अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड: 10 साल के बॉन्ड पर पैदावार बढ़कर लगभग 4.31% हो गई है ।
3. कंपनियों के नतीजे
· IT सेक्टर: आमदनी में बड़ा उछाल (Fireworks) की उम्मीद नहीं है। वृद्धि -1% से +1.5% के बीच रहने का अनुमान है ।
· फोकस: कंपनियों का FY27 का आउटलुक और AI के कारण मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव पर नजर रहेगी ।
4. सरकारी नीतियाँ और बजट
· MAT रेट में कटौती: कंपनियों के लिए न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) की दर घटाकर 15% से 14% कर दी गई है ।
· बायबैक टैक्स: शेयर बायबैक पर अब कंपनी पर टैक्स नहीं लगेगा, बल्कि निवेशकों को यह कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स देना होगा ।
· IFSC इकाइयाँ: जिफ्को (GIFT City) जैसे IFSC में यूनिट्स के लिए टैक्स छूट 10 से बढ़ाकर 20 साल कर दी गई है ।
5. FII/DII की गतिविधियाँ
· FII रिकॉर्ड बिकवाली: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने FY26 में भारतीय शेयरों से रिकॉर्ड ₹1.6 लाख करोड़ निकाल लिए ।
· DII सहारा: घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने रिकॉर्ड ₹8.5 लाख करोड़ लगाकर इस गिरावट को थामे रखा ।
6. आर्थिक आंकड़े
· GDP ग्रोथ: S&P Global Ratings के अनुसार चालू वित्त वर्ष (FY26) में भारत की GDP वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान है ।
· मुद्रास्फीति: पिछले साल मई 2025 में CPI घटकर 2.82% पर आ गई थी, हालांकि हालिया तेल संकट से महंगाई बढ़ने का खतरा है ।
7. आईपीओ और नई लिस्टिंग
· Sai Parenteral Ltd: इस दवा कंपनी के शेयर 2 अप्रैल को 3.3% प्रीमियम (₹392 के इश्यू प्राइस पर ₹405) पर लिस्ट हुए ।
· सब्सक्रिप्शन: यह IPO कुल मिलाकर 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जिसमें NIIs (2.36x) और QIBs (1.71x) का दबदबा रहा ।
8. तकनीकी विश्लेषण
· निफ्टी लेवल: अभी 22,500 से 23,000 के दायरे में कंसोलिडेशन चल रहा है। 23,000 के ऊपर ब्रेकआउट होने पर ही मजबूती आएगी ।
· बैंक निफ्टी: इमीडिएट रेजिस्टेंस 51,800–52,000 जोन में है, जबकि सपोर्ट 50,500 पर है ।
· इंडिया VIX: यह "फियर इंडेक्स" गिरकर 25.01 पर आ गया है, जिससे थोड़ी राहत मिली है ।
9. सेक्टोरल चर्चा (FY26 प्रदर्शन)
· तेजी वाले सेक्टर: PSU बैंक्स (+32%), मेटल्स (+23%), ऑटो (+14%) और डिफेंस (+16%) ।
· मंदी वाले सेक्टर: रियल्टी (-21%), IT (-20%), FMCG (-13%) और कंजम्पशन (-12%) सबसे कमजोर रहे ।
10. कॉर्पोरेट एक्शन (आगामी)
· IRB Infra: 1:1 बोनस (30 मार्च एक्स-डेट) ।
· CRISIL: ₹28 प्रति शेयर डिविडेंड (एक्स-डेट: 2 अप्रैल) ।
· TVS मोटर: ₹12 प्रति शेयर इंटरिम डिविडेंड (एक्स-डेट: 30 मार्च) ।
· R&B Denims: फेस वैल्यू ₹2 से घटकर ₹1 (स्टॉक स्प्लिट) और 1:2 बोनस (एक्स-डेट: 2 अप्रैल) ।
11. कच्चे माल की कीमतें
· क्रूड ऑयल: भू-राजनीतिक तनाव (West Asia) के कारण कीमतें $115/बैरल पर बनी हुई हैं, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है ।
· सोने-चांदी की ताजा कीमतें स्थानीय सर्राफा बाजारों पर निर्भर करती हैं, लेकिन कमजोर रुपया और मंदी की आशंका से इनमें सपोर्ट बना हुआ है।
12. विदेशी व्यापार और रुपया
· रुपया कमजोर: विदेशी पूंजी की निकासी और मजबूत डॉलर के कारण FY26 में रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 10% टूट चुका है ।
· आशंका: यह गिरावट FIIs के लिए रिटर्न को और खराब कर रही है, जिससे निवेश आने में रुकावट बनी हुई है ।
13. नियामक बदलाव (SEBI)
· हाल ही में कोई बड़ा नियामक बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन पिछले बजट में नए आयकर अधिनियम 2025 (लागू: FY26-27) पर फोकस है, जिसका उद्देश्य कानून को सरल बनाना है ।
14. मार्केट सेंटीमेंट
· डर और लालच: फिलहाल बाजार में "डर" हावी है। इंडिया VIX 25 (ऐतिहासिक औसत से ऊपर) होना बाजार में अस्थिरता और घबराहट दिखाता है ।
· मीडिया: प्रमुख सुर्खियां ईरान युद्ध, FIIs की रिकॉर्ड निकासी और IT सेक्टर पर AI के प्रभाव पर केंद्रित हैं ।
15. ट्रेडिंग रणनीतियाँ
· इंट्राडे: तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अगर निफ्टी 22,800-22,850 के ऊपर रहता है तो खरीदारी, नीचे टूटने पर 22,500 तक बिकवाली ।
· पोजीशनल: विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,000 के स्तर को पार नहीं कर लेता, तब तक बड़ा रुझान (Trend) तय नहीं होगा ।
· सेक्टोरल रोटेशन: FY26 में बाजार ग्रोथ स्टॉक्स (IT) से हटकर वैल्यू और साइक्लिकल सेक्टर्स (PSU बैंक, मेटल्स) की ओर बढ़ा है ।

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